मंगलवार, 13 जनवरी 2015

प्रकृतिलीन:

मुक्त आत्मा के व्यक्ति अपने को इस प्रकृति निर्मित शरीर को धारण कर प्रकृति की देन को ग्रहण करते हुये भी सतत् परम् सत्य के साथ सीधे सम्पर्क में रहते हैं और उसके आदेश से समूचे मानव समाज को मोंह कि स्थिति से उत्थान कर मुक्ति की स्थिति तक पहुँचने के लिये कार्य करते हैं । 

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