परम् लक्ष्य
शुक्रवार, 16 जनवरी 2015
मुक्त कर्म
मुक्त आत्मा के व्यक्ति अपने शरीर के रहते तक कर्म करते हैं परंतु उनके कर्म अपनी इच्छा अथवा कर्तापन की सीमाओं से परे होते हैं । वह प्रकृति के आदेशित कर्मों को बिना कर्म के कारण के साथ सम्बंध जोडे और बिना फल की कामना के विचार से बँधे होते हैं ।
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